– एक ने ‘कविता की आड़ में राजनीति’ कहा, दूसरे ने ‘राजनीति में शब्दों की मर्यादा’ पर उठाए सवाल
लखनऊ। एक मंचीय कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास के बीच बयानबाजी ने सोशल मीडिया पर चर्चा और हास्य का माहौल बना दिया। कार्यक्रम के दौरान दोनों के भाषणों के कुछ अंश वायरल हो गए, जिनमें एक-दूसरे पर तंज और आरोप लगाए गए।
मंच से बोलते हुए ब्रजेश पाठक ने इशारों-इशारों में कहा कि कुछ लोग “कविता और मंच का उपयोग कर राजनीति में चर्चा पाने की कोशिश करते हैं।” उन्होंने कहा कि समाज को दिशा देने वाले मंचों का उपयोग केवल लोकप्रियता के लिए नहीं होना चाहिए।
वहीं जवाबी अंदाज में कुमार विश्वास ने मंच से कहा कि “राजनीति में बैठे लोगों को भी शब्दों की मर्यादा और संस्कृति की समझ होनी चाहिए।” उन्होंने व्यंग्यात्मक शैली में कहा कि “कविता सच बोलती है और सच कभी-कभी सत्ता को असहज कर देता है।”
दोनों के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस के साथ-साथ मजाकिया प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं।
सोशल मीडिया यूज़र्स इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे “राजनीति बनाम कविता की बहस” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “मंचीय मनोरंजन” कहकर मजाकिया अंदाज में ले रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में मंच पर बोले गए शब्द तुरंत वायरल हो जाते हैं और कई बार वही बयान हास्य और व्यंग्य का विषय भी बन जाते हैं।
फिलहाल यह बयानबाजी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
मंच पर शब्दों की जंग! ब्रजेश पाठक और कुमार विश्वास के बीच आरोप-प्रत्यारोप नें खोली एक दूसरे के पंडित्य ज्ञान की पोल


