लखनऊ| आगरा में कक्षा सात की संस्कृत परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्नपत्र में एक पहेली के रूप में पूछा गया था कि “बिना पैर के दूर तक जाने वाला साक्षर कौन है, जो ‘पण्डित’ नहीं है?” इस प्रश्न को लेकर इंटरनेट मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, वहीं शिक्षक संगठनों ने भी इसे आपत्तिजनक और अस्पष्ट बताते हुए सवाल उठाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने त्वरित कार्रवाई की है। परिषद के निदेशक गणेश कुमार ने आगरा डायट के प्राचार्य (उप शिक्षा निदेशक) को नोटिस जारी कर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रश्नपत्र तैयार करने वाले संबंधित प्रवक्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि इस प्रकार का प्रश्न किस आधार पर शामिल किया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न छात्रों की समझ और विषय ज्ञान को परखने के लिए होते हैं, लेकिन इस तरह के सवालों से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और अनावश्यक विवाद खड़ा हो सकता है। यही वजह है कि परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है।
वहीं, शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय विषय की शुद्धता और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह के प्रश्न न केवल छात्रों को भ्रमित करते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस सवाल को लेकर बहस जारी है, जहां कई लोग इसे भाषा की दृष्टि से गलत तो कुछ इसे अनुचित उदाहरण बता रहे हैं।
फिलहाल, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित प्रवक्ता की ओर से कोई लापरवाही हुई है या नहीं। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि दोषी पाए गए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भविष्य में प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और निगरानी को और सख्त करने की भी चर्चा तेज हो गई है।
संस्कृत परीक्षा में ‘पण्डित’ शब्द पर सवाल से बवाल, एससीईआरटी ने मांगा स्पष्टीकरण


