प्रयागराज। जनपद में चर्चित मामले में ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर को बड़ा झटका लगा है। गैंगस्टर कोर्ट ने उनकी दूसरी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है, जिससे उनकी रिहाई की उम्मीदों को फिलहाल झटका लगा है।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मुजफ्फर के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। बताया गया कि उनके खिलाफ करीब 35 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें कई गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है और गैंगस्टर चार्ट में दो प्रमुख अपराध दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि मोहम्मद मुजफ्फर एक संगठित गौ-तस्कर गिरोह का सरगना है, जो लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
गौरतलब है कि मुजफ्फर ने जेल में रहते हुए ही ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता था, जिसके बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आया था।
अदालत ने मामले की गंभीरता और अभियुक्त के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। फिलहाल वह जेल में ही रहेगा और मामले की आगे की सुनवाई जारी है।
इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर को झटका, दूसरी जमानत अर्जी खारिज


