मुरादाबाद। भोजपुर क्षेत्र के बहेड़ी ब्रह्मनान गांव में रविवार को 46 वर्षीय सहायक अध्यापक और बीएलओ सर्वेश सिंह ने आत्महत्या कर ली। परिजनों और पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का टारगेट पूरा नहीं कर पा रहे थे और रात-दिन तनाव में रहते थे, जिसकी वजह से आत्महत्या करने को मजबूर हुए।
सर्वेश सिंह भगतपुर टांडा ब्लॉक के जाहिदपुर सीकमपुर गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। सात अक्टूबर को उन्हें बीएलओ बनाया गया था और इसके बाद से वह लगातार फील्ड व दस्तावेजी कार्य के दबाव में थे। उन्होंने अपने पत्र में शिक्षा विभाग और अधिकारियों को भी सूचित किया था कि कार्य का बोझ और समय सीमा के कारण वह परेशान हैं।
रविवार सुबह उनका शव घर में ही फंदे पर लटका मिला। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पूरी जांच की जा रही है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में घटना से शोक और रोष का माहौल है। स्थानीय शिक्षकों और बीएलओ कर्मचारियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि SIR कार्य के दबाव को कम किया जाए, अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए और मृतक के परिवार को अनुकंपा सहायता दी जाए।
पिछले कुछ समय में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव और लंबी फील्ड ड्यूटी के कारण मानसिक तनाव की कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। सर्वेश सिंह की इस दुखद घटना ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




