फतेहपुर
भाजपा जिला उपाध्यक्ष रेखा मिश्रा और उनके पति अवधेश कुमार मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। कानपुर में दर्ज इस केस में बालू खनन के ठेके और जमीन में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता नारायण प्रसाद सुलतानिया ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2018 में उनकी मुलाकात अवधेश मिश्रा से हुई थी। अवधेश ने खुद को भारतीय जनता पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए प्रभाव जमाया। गाड़ी पर पार्टी का झंडा और साथ में गनर होने के कारण सुलतानिया उन पर भरोसा कर बैठे।
आरोप है कि अवधेश ने अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर बालू खनन का ठेका दिलाने का झांसा दिया। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक मंत्री से भी कराई गई। शिकायत के अनुसार, 2018 से 2019 के बीच आरटीजीएस के जरिए करीब 67 लाख रुपये एक अन्य व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर कराए गए।
बाद में अवधेश ने 60 लाख रुपये वापस कर विश्वास कायम किया और फिर सस्ती जमीन में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया। इसी बहाने 2018 से 2019 के बीच कुल 1 करोड़ 67 लाख 80 हजार रुपये लिए गए, जिनमें से 16 लाख रुपये रेखा मिश्रा के नाम पर लिए गए।
आरोप है कि जमीन दिलाने के नाम पर किसानों से भी धोखाधड़ी की गई और जमीन अपने नाम करा ली गई। इस मामले में किसानों ने भी अलग से मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने 2023 में अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के बाद पुलिस उपायुक्त को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसके आधार पर अब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


