– चार बार के सांसद, चुनावी रणनीति के माहिर माने जाते हैं पाटिल
– कुर्मी समाज से ताल्लुक, सामाजिक समीकरण साधने की भी रणनीति
यूथ इंडिया डेस्क
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अंदर रणनीतिक स्तर पर गहन मंथन जारी है। संगठन को और मजबूत बनाने तथा चुनावी समीकरण साधने के लिए पार्टी नेतृत्व कई बड़े फैसलों पर विचार कर रहा है। इसी कड़ी में चर्चाएं तेज हैं कि सी . आर . पाटिल को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया जा सकता है।
सी.आर. पाटिल वर्तमान में नवसारी , गुजरात से सांसद हैं और केंद्र सरकार में मिनिस्ट्री ऑफ़ जल शक्ति के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे भाजपा के उन चुनिंदा नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने लगातार सात बार लोकसभा चुनाव जीता है और अब तक कभी चुनाव नहीं हारे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पाटिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में माना जाता है। चुनावी रणनीति और संगठनात्मक प्रबंधन में उनकी मजबूत पकड़ के कारण उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां मिलती रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि वे पहले वाराणसी लोकसभा सीट पर प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
जातीय समीकरण पर भी नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए भी रणनीति बना रहा है। सी.आर. पाटिल कुर्मी समुदाय से आते हैं, जो उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में मौजूद है और कई क्षेत्रों में निर्णायक राजनीतिक प्रभाव रखता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पाटिल को यूपी की जिम्मेदारी मिलती है तो भाजपा संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश करेगी।
सी.आर. पाटिल
गुजरात के नवसारी से सांसद
लगातार 7 बार लोकसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड है।
वर्तमान में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
संगठन और चुनाव प्रबंधन में माहिर नेत,प्रधानमंत्री मोदी के भरोसेमंद नेताओं में शुमार हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन भाजपा के अंदर चल रहे मंथन में सी.आर. पाटिल का नाम उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी के लिए प्रमुखता से लिया जा रहा है।


