नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज़ करते हुए संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने चुनावी रणनीति के तहत ‘बिहार मॉडल’ को पश्चिम बंगाल में लागू करने का फैसला किया है। इसी क्रम में बिहार भाजपा के सात वरिष्ठ प्रदेश पदाधिकारियों को पश्चिम बंगाल भेजा गया है, जिन्हें चुनावी प्रबंधन और संगठनात्मक विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार, इन सात नेताओं में से पांच को लोकसभा क्षेत्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये नेता जमीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करने, चुनावी रणनीति लागू करने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने का कार्य करेंगे।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव में अपनाई गई रणनीति ने पार्टी को राजनीतिक लाभ दिलाया था। उसी अनुभव और मॉडल को अब पश्चिम बंगाल में लागू कर मतदाता संपर्क, बूथ प्रबंधन और सामाजिक समीकरणों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी नेताओं को संगठनात्मक दायित्व दिए जा सकते हैं। भाजपा का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में चुनाव को पूरी मजबूती के साथ लड़ते हुए संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार के नेताओं को बंगाल में जिम्मेदारी सौंपना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह राज्यों के सफल चुनावी मॉडल को अन्य राज्यों में दोहराने की कोशिश कर रही है।





