लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने में इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा (BJP) के जालसाज खुद फॉर्म-7 छाप रहे हैं और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके पीडीए समुदाय के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा रहे हैं।
सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए यादव ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और कहा कि यह लगभग पूरे राज्य में आम बात है, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अपील करने के बावजूद, एसआईआर प्रक्रिया में फॉर्म-7 से संबंधित कथित अनियमितताएं बंद नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 का अवैध उपयोग एक गंभीर अपराध है और चुनाव आयोग को इसके दुरुपयोग के लिए दंड के बारे में सार्वजनिक विज्ञापन जारी करने चाहिए, ताकि दोषियों और उनके सहयोगियों को स्पष्ट चेतावनी मिल सके। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि पार्टी के सार्वजनिक सुरक्षा कार्यकर्ता और जागरूक मतदाता अपने स्तर पर इस कथित धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर रहे हैं, लेकिन आयोग को भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आगे आना चाहिए। राज्य में हो रही इस धोखाधड़ी को “मेगा घोटाला” बताते हुए यादव ने राज्य के विभिन्न स्तरों के मीडिया से इसे उजागर करने और तथ्यों को सामने लाने में मदद करने की अपील की।


