लखनऊ
राजधानी में भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) के भीतर संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े की मौजूदगी में प्रदेश के निगमों, आयोगों और बोर्ड में पार्टी पदाधिकारियों के मनोनयन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कई नामों पर सहमति बन गई है। बताया जा रहा है कि इन नियुक्तियों की सूची जल्द ही जारी की जा सकती है।
इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें संगठन के विभिन्न पदों और राजनीतिक नियुक्तियों पर अंतिम मुहर लगाने की दिशा में सहमति बनी। सूत्रों के मुताबिक, इस बार संगठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश के सभी हिस्सों—पश्चिमी यूपी, अवध, बुंदेलखंड और काशी क्षेत्र—को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
विनोद तावड़े के लखनऊ दौरे के दौरान ताबड़तोड़ बैठकों ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि भाजपा प्रदेश संगठन में करीब तीन साल बाद बड़े बदलाव की तैयारी है। लंबे समय से पदों पर जमे कुछ पदाधिकारियों को हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जहां प्रदेश संगठन, राजनीतिक नियुक्तियों और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर संगठनात्मक रणनीति पर विचार-विमर्श किया था।
इसके अलावा विनोद तावड़े ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक से अलग-अलग मुलाकात कर राजनीतिक हालात और संगठन की दिशा पर चर्चा की। साथ ही महिला नेताओं और वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों से भी संवाद कर फीडबैक लिया गया, जिसे हाईकमान को सौंपा जाएगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व में बदलाव के बाद अब राज्यों में भी संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश में नई टीम के गठन और राजनीतिक नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन बदलावों का असर प्रदेश की राजनीति और संगठन की कार्यशैली पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।


