लखनऊ
प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच हुई अहम बैठक ने राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, लंबित संगठनात्मक मुद्दों के समाधान और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन को और मजबूत करने के लिए विभिन्न पदों पर बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके साथ ही संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ है।
इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े का रविवार को लखनऊ पहुंचना प्रस्तावित है। वे यहां मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में प्रदेश संगठन के ढांचे में बदलाव, विभिन्न मोर्चों में नई नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार के संभावित नामों पर चर्चा होने की संभावना है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर कई नामों पर विचार-विमर्श जारी है। अंदरखाने बैठकों का दौर तेज हो गया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि फिलहाल शीर्ष नेतृत्व अन्य राज्यों के चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त है, जिसके चलते यूपी से जुड़े फैसलों में थोड़ी देरी हो सकती है। लेकिन जैसे ही मंजूरी मिलती है, मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलावों की सूची जारी होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये बदलाव होते हैं, तो उनका असर आगामी चुनावों के समीकरणों पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा। ऐसे में आने वाले दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।


