नई दिल्ली । प्रमुख उद्योगपति और परोपकारी बिल गेट्स ने दिवंगत फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से अपने संबंधों को लेकर सार्वजनिक रूप से सफाई दी है। बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के एक आंतरिक टाउन हॉल कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए गेट्स ने स्वीकार किया कि एपस्टीन से मिलना उनकी बहुत बड़ी गलती थी। इस संबंध में जानकारी फाउंडेशन के प्रवक्ता द्वारा साझा की गई।
अमेरिकी अखबार द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, टाउन हॉल की रिकॉर्डिंग के हवाले से गेट्स ने कर्मचारियों से कहा कि एपस्टीन के साथ समय बिताना और फाउंडेशन के अधिकारियों को भी उन बैठकों में शामिल करना एक गलत निर्णय था। उन्होंने कहा, “मेरी गलती के कारण जिन लोगों को इसमें घसीटा गया, उनसे मैं माफी मांगता हूं।”
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस द्वारा जारी दस्तावेजों से पता चलता है कि एपस्टीन की सजा पूरी होने के बाद भी गेट्स और एपस्टीन की कई बार मुलाकात हुई थी। इन बैठकों में गेट्स की परोपकारी पहलों के विस्तार पर चर्चा हुई थी। गेट्स ने कर्मचारियों से कहा कि उन्होंने कोई अवैध कार्य नहीं किया और न ही किसी अवैध गतिविधि को देखा।
दस्तावेजों में कुछ तस्वीरों का भी उल्लेख है, जिनमें गेट्स महिलाओं के साथ दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों में महिलाओं के चेहरे धुंधले किए गए हैं। गेट्स ने स्पष्ट किया कि ये तस्वीरें एपस्टीन के कहने पर उसकी सहयोगी महिलाओं के साथ बैठक के बाद ली गई थीं। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कभी भी एपस्टीन की पीड़िताओं के साथ समय नहीं बिताया।
फाउंडेशन के प्रवक्ता के अनुसार, यह टाउन हॉल पहले से निर्धारित था, जिसमें गेट्स ने कई विषयों पर कर्मचारियों के सवालों के जवाब दिए, जिनमें एपस्टीन फाइलों की रिलीज भी शामिल थी। फाउंडेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने कभी भी एपस्टीन को कोई आर्थिक भुगतान नहीं किया और न ही उसे किसी पद पर नियुक्त किया। फिलहाल इस विषय पर यही आधिकारिक रुख है।
इसी बीच, पिछले सप्ताह गेट्स ने भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में मुख्य भाषण देने से कुछ घंटे पहले अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था। हालांकि इस निर्णय को एपस्टीन प्रकरण से जोड़कर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 में स्थापित गेट्स फाउंडेशन दुनिया की सबसे बड़ी परोपकारी संस्थाओं में गिनी जाती है। वर्ष 2024 में मिलिंडा गेट्स के को-चेयर पद से इस्तीफे के बाद से संस्था का नेतृत्व स्वयं बिल गेट्स कर रहे हैं। गेट्स पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह 31 दिसंबर 2045 को फाउंडेशन को स्थायी रूप से बंद कर देंगे। उन्होंने वर्ष 2026 के लिए 9 बिलियन डॉलर और आगामी 20 वर्षों में 200 बिलियन डॉलर तक परोपकारी व्यय का लक्ष्य निर्धारित किया

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