आगरा
जनपद में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां बाइक सवार बदमाशों के गिरोह ने एक सराफ व्यापारी को निशाना बनाते हुए उससे लाखों रुपये के सोने के जेवर लूट लिए। घटना थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के बिचपुरी-अटूस मार्ग पर मंगलवार शाम की है, जिसने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिचपुरी क्षेत्र में “मां कैला ज्वैलर्स” के नाम से दुकान संचालित करने वाले सिकंदरा के अटूस गांव निवासी सराफ नीरेश कुमार मंगलवार शाम करीब छह बजे दुकान बंद कर अपने चचेरे भाई शिवम के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। रोज की तरह उन्होंने लगभग 60 ग्राम सोने के जेवरात और जरूरी दस्तावेजों से भरा बैग बाइक के आगे टांग रखा था। जैसे ही वे सदरवन गांव के पास अंसल एपीआई कट से गुजर रहे थे, तभी पीछे से काले रंग की बाइक पर सवार तीन बदमाश तेजी से उनके पास पहुंचे।
बदमाशों ने बेहद शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। एक बदमाश ने नीरेश के गले में लटके बैग को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन विरोध करने पर उसने हाथ पीछे खींच लिया। इसी दौरान दूसरे बदमाश ने तेजी से झपट्टा मारकर बैग छीन लिया। छीना-झपटी के दौरान संतुलन बिगड़ने से नीरेश और शिवम बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े और करीब 10 मीटर तक घिसटते चले गए, जिससे दोनों घायल हो गए। बदमाश मौके का फायदा उठाकर जेवरों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
हालांकि, घायल होने के बावजूद नीरेश ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत उठकर बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। उन्होंने करीब 800 मीटर तक बाइक से लुटेरों का पीछा किया, लेकिन बदमाश रुनकता की ओर तेजी से भाग निकले और पकड़ में नहीं आ सके। घटना के बाद नीरेश ने 112 नंबर पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल नहीं लग सका। बाद में रिश्तेदार के मोबाइल से सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
सूचना मिलते ही थाना जगदीशपुरा पुलिस और एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल नाकाबंदी कराई गई। रुनकता की ओर जाने वाले रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन टीमें गठित कर दी हैं, जो आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरों का अभाव भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जहां वारदात हुई, वहां कोई कैमरा मौजूद नहीं था। करीब 400 मीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन उसमें भी बदमाश नजर नहीं आए। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने पहले से इलाके की रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, यह पहला मौका नहीं है जब उन्हें निशाना बनाया गया है। करीब 11 साल पहले 18 अप्रैल 2015 को छोटे भाई श्रीभगवान के साथ भी इसी तरह की लूट हुई थी, जिसमें एक किलोग्राम सोना बदमाश लूट ले गए थे। हालांकि उस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर सोना बरामद कर लिया था, लेकिन एक बार फिर उसी परिवार को निशाना बनाए जाने से दहशत और चिंता का माहौल है।
फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और बदमाशों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और व्यापारी वर्ग में भय का माहौल बना हुआ है।


