बिजली उपभोक्ताओं पर ऑनलाइन सिस्टम की मार, 28 हजार से ज्यादा बिल ऑटोमैटिक होल्ड

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अचानक बढ़े बिलों को लेकर तकनीकी सिस्टम ने रोका ऑनलाइन भुगतान
लखनऊ| प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले करीब 28 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल ऑटोमैटिक रूप से होल्ड कर दिए गए हैं। इस तकनीकी गड़बड़ी के चलते उपभोक्ता न तो ऑनलाइन पोर्टल पर अपना बिजली बिल देख पा रहे हैं और न ही मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान कर पा रहे हैं। यह समस्या लखनऊ सेंट्रल, अमौसी, जानकीपुरम, गोमती नगर समेत मध्यांचल के सभी ज़ोन में सामने आई है।

निगम के अधिकारियों के अनुसार तकनीकी सिस्टम ने यह पाया कि कुछ उपभोक्ताओं के बिजली बिल की राशि पिछले महीनों की तुलना में अचानक काफी अधिक हो गई है। इसी कारण सिस्टम ने एहतियातन इन बिलों को होल्ड कर दिया। हालांकि, इस निर्णय का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जो समय पर बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं और उन पर बकाया बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।

ऑनलाइन बिल नहीं खुल पाने से वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। डालीबाग निवासी जफर नवी और जैतीखेड़ा निवासी नन्हा समेत कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनका बिल बिना किसी सूचना के होल्ड कर दिया गया। उपकेंद्र पर जानकारी लेने पर उन्हें केवल यही बताया गया कि यह ऑटोमैटिक तकनीकी प्रक्रिया के तहत हुआ है।

बिल होल्ड होने से परेशान उपभोक्ता लगातार टोल-फ्री नंबर 1912, स्थानीय हेल्प डेस्क और अधिशासी अभियंता कार्यालयों में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। व्यापार संगठनों का कहना है कि इस समस्या के कारण उपभोक्ता न तो भुगतान कर पा रहे हैं और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार ने बताया कि करीब 28 हजार उपभोक्ताओं के बिल तकनीकी कारणों से ऑटोमैटिक होल्ड हुए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द बिलों को दुरुस्त कर उपभोक्ताओं को मैसेज भेजे जाएं, ताकि वे समय पर अपना बिजली बिल जमा कर सकें और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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