पटना। राज्य के विकास एजेंडा को गति देने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान करने के उद्देश्य से बिहार विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 91,717.11 करोड़ रुपये के दूसरे अनुपूरक बजट को सदन के पटल पर रखा। यह बजट न केवल गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि बुनियादी ढांचे, शिक्षा और सड़क निर्माण के बड़े लक्ष्य को भी मजबूती देता है।
सबसे अधिक राशि मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए प्रस्तावित की गई है। इस मद में 1,885 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को समय पर पेंशन उपलब्ध हो और किसी प्रकार की आर्थिक दिक्कत न आए। सरकार का मानना है कि वृद्धजन पेंशन योजना सामाजिक सुरक्षा की रीढ़ है, और इस वर्ग की मदद के बिना समाज का संतुलित विकास संभव नहीं।
वहीं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को गति देने के लिए 861 करोड़ रुपये पथ निर्माण विभाग को आवंटित किए गए हैं। इस धनराशि से कई प्रमुख सड़कों का निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे, जिससे परिवहन सेवाओं में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
युवाओं की उच्च शिक्षा और रोजगार क्षेत्र में अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 800 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आसान और समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और अधिक सरल व प्रभावी बनाई जाएगी। यह योजना लाखों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
दूसरे अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने वार्षिक योजना मद में 51,253.77 करोड़ रुपये, स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय में 40,462.99 करोड़ रुपये तथा केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए 0.34 करोड़ रुपये की राशि रखी है। कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का संतुलित मिश्रण है, जो राज्य के समग्र विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुपूरक बजट राज्य के अधूरे पड़े विकास कार्यों को नई दिशा देने के साथ-साथ लोककल्याणकारी योजनाओं की जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन की कोशिशों को मजबूती देता है।






