अमृतपुर/ फर्रुखाबाद| तहसील के अंतर्गत आने वाले राजेपुर ब्लॉक का ग्राम भुड़िया भेड़ा पिछले दो माह से बाढ़ की तबाही झेल रहा था। बाढ़ के कारण गांव की मुख्य संपर्क सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। सड़क टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई, जिससे ग्रामीणों का स्कूल, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और तहसील मुख्यालय तक का संपर्क कट गया। गांव की लगभग 1300 की आबादी के लिए आवागमन सबसे बड़ी समस्या बन गया था।
ग्रामीणों ने पहले अपनी ओर से प्रयास करते हुए लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया, जिससे लोग किसी तरह पैदल आ-जा सके। लेकिन बाढ़ का पानी जब तेज़ी से बहा तो यह अस्थायी पुल भी बहकर खत्म हो गया। ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती गई। खेतों से लेकर स्कूल तक जाने में लोग परेशान हो गए। बीमारों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया था और बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पा रहे थे।
इसी बीच समाजसेवी समरदीप उर्फ टीटू ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से समझा और मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना समय गंवाए जेसीबी मशीन मंगवाई और लगभग 5 घंटे लगातार खुदाई व भराई का कार्य कराया। सड़क पर मिट्टी और ईंट डालकर उसे फिर से दुरुस्त किया गया। इस काम में उनके साथ सेठी शुक्ला, रामपुत, शिवकुमार चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि समरदीप के नेतृत्व में सड़क की मरम्मत होने से अब उनकी सबसे बड़ी समस्या समाप्त हो गई है। अब गांव से बाहर आना-जाना आसान हो गया है। बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और ग्रामीण आसानी से बाजार और अस्पताल तक पहुंच पा रहे हैं।
गांव के बुजुर्गों ने कहा कि जब सरकारी मदद का इंतजार कर रहे थे, तब समाजसेवी समरदीप ने आगे बढ़कर यह पहल की। इससे पूरे गांव को राहत मिली है। ग्रामीणों ने उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज भी यदि कोई व्यक्ति समाज के लिए कुछ करना चाहे तो राह खुद-ब-खुद निकल आती है।



