– 15 वर्षों से जमे बाबू पर कार्रवाई, लेकिन बीएसए शैलेश पांडे को बचाने के आरोप; मामला दबाने की कोशिश तेज
उन्नाव।
जनपद उन्नाव के बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। एक प्रिंसिपल से ₹50 हजार की रिश्वत मांगने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए ) कार्यालय में तैनात बाबू उदयवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि उदयवीर सिंह लंबे समय से बीएसए ऑफिस में तैनात था और विभागीय कार्यों में उसकी गहरी पकड़ मानी जाती थी। करीब 15 वर्षों से एक ही कार्यालय में जमे रहने के चलते उस पर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके थे।
ताजा मामले में एक विद्यालय के प्रिंसिपल से ₹50 हजार की मांग की शिकायत सामने आई, जिसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही, उसे बीएसए कार्यालय से हटाकर नगर क्षेत्र में अटैच कर दिया गया है।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बाबू उदयवीर सिंह को बीएसए शैलेश पांडे का करीबी माना जाता है और पूरे मामले में बीएसए को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोप यह भी है कि बाबू को निलंबित कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि बीएसए शैलेश पांडे अपनी पहली ही पोस्टिंग में विवादों में घिर गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल, मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो इस पूरे प्रकरण में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
उन्नाव में शिक्षा विभाग पर भ्रष्टाचार का साया: 50 हजार रिश्वत प्रकरण में बाबू उदयवीर सिंह निलंबित


