प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार की भूख हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना मिर्जापुर थाथरमई क्षेत्र के रहने वाले राम गुलेश अपने पूरे परिवार के साथ खिरनी बाग रामलीला मैदान में धरने पर बैठे हैं और प्रशासन की कार्रवाई की आस लगाए हुए हैं।
पीड़ित राम गुलेश का आरोप है कि दबंगों ने उनकी ट्रैक्टर-ट्राली पर जबरन कब्जा कर लिया और उनके पेड़ों को अवैध रूप से काट डाला। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद न तो ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे से मुक्त कराया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की गई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार भय और मानसिक तनाव के साए में जीवन जीने को मजबूर है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह उनकी कोई बड़ी मांग नहीं है, फिर भी चार-पांच दिनों से वे भूख हड़ताल पर बैठे हैं और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही। इसको लेकर जिलाधिकारी शाहजहांपुर धर्मेंद्र प्रताप सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर ऐसी छोटी मांग पर भी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है, या फिर प्रशासन सिर्फ दिखावटी कार्रवाई तक ही सीमित रह गया है।
राम गुलेश ने एसडीएम जलालाबाद पर भी निष्पक्ष कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धरना स्थल पर पीड़ित परिवार लगातार प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठा है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी ट्रैक्टर-ट्राली मुक्त कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह पूरे परिवार के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


