फर्रुखाबाद: राष्ट्र विकास हेतु वेद, गोवंश और धरा (पृथ्वी) के संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में तत्काल आवश्यक कार्यवाही के संदर्भ में भारत अभ्युदय न्यास (Bharat Abhyudaya Nyas) राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट (Municipal Magistrate) को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले वेद, गोवंश और धरती पर हो रहे निरंतर घोर अत्याचारों और उपेक्षा को लेकर अत्यंत व्यथित है, और इस संबंध में आपके सर्वोच्च हस्तक्षेप की अपेक्षा करता है। ज्ञापन में गोवंश की उपेक्षा और हिंसा,न्याय एवं दंड की मांग,सरकारी संरक्षण में गायों के प्रति क्रूरता ,गोमांस निर्यात पर रोक,वेदों के आधार पर गोवंश के वैज्ञानिक महत्व पर गहन शोध,वैदिक शिक्षा का प्रसार , जैसे विशेष संदर्भित किए गए।
इसके साथ ही अतीत के भारत को विश्व गुरु बनाने में वैदिक शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान का जिक्र किया गया और कहा गया कि यदि भविष्य में भी भारत को विश्व गुरु बनाना है तो वैदिक गुरुकुलों व वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना बड़े स्तर होनी चाहिए। ज्ञापन में उठाए गए विश्व पर की गई कार्रवाई का उत्तर देने की भी अपेक्षा की गयी।


