लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 68 हजार से अधिक राज्य कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। यह कार्रवाई उन कर्मचारियों पर की गई है, जिन्होंने अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार सभी राज्य कर्मचारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी संपत्ति का पूरा विवरण ऑनलाइन अपलोड करें। इसके लिए विभागों को 31 जनवरी तक की मोहलत दी गई थी। बावजूद इसके बड़ी संख्या में कर्मचारियों द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया।
इस संबंध में मुख्य सचिव द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके थे कि जो कर्मचारी तय समय तक विवरण अपलोड नहीं करेंगे, उनका वेतन रोका जाएगा। निर्देशों के क्रम में अब तक 68 हजार से अधिक कर्मचारियों की सैलरी पर रोक लगा दी गई है।
सरकार ने साफ किया है कि जब तक संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाएगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी संकेत दिए गए हैं कि यदि आगे भी लापरवाही बरती गई, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी स्तर पर इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर कर्मचारियों से जल्द से जल्द विवरण अपलोड कराएं।





