लखनऊ आवास एवं विकास परिषद के आवास आयुक्त और प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को जारी आदेश में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब न्यूनतम नौ मीटर चौड़ी सड़कों पर उपविभाजन की अनुमति दी जाएगी। यह निर्देश संशोधित भवन निर्माण उपविधि और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 के तहत जारी किए गए विस्तृत स्पष्टीकरण का हिस्सा है।
गौरतलब है कि नई भवन उपविधि और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स करीब साढ़े चार माह पहले लागू किए गए थे। नई उपविधि के तहत अधिक निर्माण की छूट दी गई है, साथ ही आवासीय भू-खण्डों पर सशर्त रूप से दुकानें बनाने की अनुमति भी शामिल है। इस परिवर्तन का उद्देश्य शहरी विकास को अधिक व्यवहारिक और जनसहूलियत के अनुरूप बनाना है।
संशोधित उपविधियों में व्यावसायिक भवनों के लिए सेटबैक और पोर्च के मानकों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब पेट्रोल पंपों के मानक केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही निर्धारित होंगे। इसके अतिरिक्त, आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 के विभिन्न प्राविधानों की स्पष्ट व्याख्या भी जारी की गई है, ताकि सभी विकास प्राधिकरण एक समान नीति के आधार पर निर्णय ले सकें।
इन नए निर्देशों से प्रदेश में निर्माण गतिविधियों को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहरी आवश्यकताओं के अनुसार ढालने में मदद मिलने की उम्मीद है।



