लखनऊ| बंथरा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी लालता सिंह को सरिया चोरी के झूठे आरोप में जेल भेजने का मामला अब बड़े पुलिस खेल का भांडाफोड़ बनकर सामने आया है। महज एक बिल और बयानबाजी को सबूत बताकर पुलिस ने लालता सिंह सहित कई लोगों को जेल भेज दिया, जबकि वे लगातार बंथरा थाने से लेकर कृष्णानगर पुलिस तक अपनी बेगुनाही का सबूत देते रहे। किसी ने उनकी नहीं सुनी। लालता सिंह कहते हैं कि खुद को निर्दोष साबित करने की लड़ाई बेहद कठिन थी, लेकिन अंत में न्याय की जीत हुई।
लालता सिंह का गंभीर आरोप है कि इस पूरे मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की विभाग में ऊपर तक सेटिंग थी। यही वजह रही कि पहली बार जब एंटी करप्शन ने जांच शुरू की तो आरोपी पुलिसवालों ने किसी तरह जांच को हटवाकर कृष्णानगर थाने में ट्रांसफर करवा दिया। वहां जांच दरोगा आलोक कुमार सिंह को मिली और उन्होंने भी बिना किसी पड़ताल के लालता सिंह और कल्लू गुप्ता को गिरफ्तार कर केस में नामजद कर दिया।
इसी मामले में विकास गुप्ता, दर्शन जाटव (अंबेडकरनगर, शिवपुरा), कल्लू यादव सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इतना ही नहीं, पुलिस लालता सिंह के बेटों कौशलेंद्र सिंह और सतीश सिंह के खिलाफ 82 सीआरपीसी की कार्रवाई की तैयारी में थी। तभी लालता सिंह ने शासन स्तर पर शिकायत की। शासन ने पूरा मामला दोबारा एंटी करप्शन को सौंपा और ढाई वर्ष की लंबी जांच के बाद सच सामने आया।
एंटी करप्शन की विस्तृत जांच के बाद अब बंथरा थाना प्रकरण से जुड़ी बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। आरोपी पुलिसकर्मियों—बहराइच में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम प्रहलाद सिंह, दरोगा संतोष कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार और लखनऊ पुलिस लाइन के दरोगा आलोक कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की रिपोर्ट तैयार होकर शनिवार को अधिकारियों को भेजी जाएगी। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि एफआईआर PGI थाने में दर्ज है और जांच एंटी करप्शन विभाग करेगा।
एक नजर में पूरा मामला:
बंथरा थाने में तैनात रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम और चार दरोगाओं पर आरोप है कि उन्होंने सरिया चोरी के एक मामले में चार बेगुनाहों को फर्जी तरीके से जेल भेजा। एंटी करप्शन में तैनात इंस्पेक्टर नुरूल हुदा खान ने उनके खिलाफ झूठे साक्ष्य गढ़ने, साजिश रचने और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। पीड़ित लालता सिंह, जो पूर्व बीडीसी सदस्य रंजना सिंह के पति हैं, ने शासन में शिकायत की थी जिसके बाद पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ।






