बरेली| जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ प्रशासन और वित्तीय संस्थानों ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। तौकीर रजा ने 1990 में कृषि लोन लिया था, जिसकी अदायगी अब तक लंबित रही है। बदायूं की सहकारी समिति और स्थानीय बैंक ने तौकीर के घर पर नोटिस लगाकर 40,555 रुपये ब्याज समेत जमा करने का आदेश जारी किया है।
जांच में यह खुलासा हुआ कि हिंसा के समय तौकीर रजा की पुरानी वित्तीय फाइलें और बैंक रिकॉर्ड भी सामने आए। यदि तौकीर रजा द्वारा यह राशि जमा नहीं की जाती है, तो बैंक और सहकारी समिति कुर्की की कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगी। मौलाना तौकीर रजा फिलहाल फतेहगढ़ जेल में बंद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल वित्तीय अनुशासन के लिए ही नहीं, बल्कि हिंसा और आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ समग्र कार्रवाई का उदाहरण है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संवेदनशील मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और कानून और वित्तीय अनुशासन का पालन हर नागरिक के लिए अनिवार्य है।


