बरेली दौरे से पहले नेता प्रतिपक्ष के आवास पर पुलिस का पहरा, माता प्रसाद पांडे बोले सरकार हमारी आवाज़ दबाना चाहती है

0
52

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। सोमवार सुबह से राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडे के आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। समाजवादी पार्टी ने इसे विपक्ष की आवाज़ दबाने की साजिश बताया है, जबकि पुलिस ने इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनज़र उठाया गया कदम बताया है।दरअसल, समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज बरेली जाने वाला था, जिसकी अगुवाई खुद नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडे कर रहे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल हाल ही में बरेली में हुए लाठीचार्ज की घटना में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात करने की बात कह रहा है ।माता प्रसाद पांडे ने बताया कि पुलिस ने उन्हें नोटिस दिया है कि वे अपने आवास से बाहर न जाएं। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा,
अगर कलेक्टर ने लिखा होता तो मैं मान लेता, लेकिन इंस्पेक्टर के कहने पर घर में क्यों रहूं,फिर, बरेली डीएम का पत्र आया।उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब होगा, इसलिए आप यहां न आएं। अपनी कमियों को छिपाने के लिए वे हमें वहां नहीं जाने दे रहे हैं। अब हम अपने पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके अनुसार निर्णय लेंगे।सपा की तरफ से जारी कार्यक्रम में कहा गया था कि 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस और पीएसी ने उन पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिम्मेदार अपनी कमियों को छिपाने के लिए ये लोग हमें रोकना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि सपा का प्रतिनिधिमंडल शांतिपूर्ण ढंग से जनसमस्याओं को उठाने जा रहा था, जिसके बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर दमनकारी कार्रवाई का आरोप लगाया।इस टीम में सपा सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रहमान बर्क, मोहिब्बुल्लाह, नीरज मौर्य, और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव व प्रवीण सिंह ऐरन शामिल रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल बरेली के डीआईजी और कमिश्नर से मुलाकात कर पीड़ितों की समस्याओं के समाधान की मांग करेगा।वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आगामी 8 अक्तूबर को लखनऊ से बरेली होते हुए रामपुर जाएंगे। बरेली में वे पार्टी कार्यकर्ताओं और लाठीचार्ज पीड़ितों से मुलाकात करेंगे, इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खां से भी मुलाकात का कार्यक्रम तय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here