शमशाबाद (फर्रुखाबाद): होली (Holi) का त्योहार नजदीक आते ही शहर से लेकर गांव तक पतंगबाजी का उत्साह चरम पर है। घरों की छतों पर पतंग उड़ाने और पेंच लड़ाने का सिलसिला शुरू हो चुका है, लेकिन इस उल्लास के बीच प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का अवैध कारोबार लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है। शमशाबाद (Shamshabad) नगर क्षेत्र में खुलेआम इस खतरनाक मांझे की बिक्री होने से आमजन में भारी रोष और चिंता व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार शमशाबाद नगर में कई पतंग विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान सजा लिए हैं और पतंग व रील-मांझे का क्रय-विक्रय जोरों पर है। आरोप है कि कुछ दुकानदार सरकारी प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा धड़ल्ले से बेच रहे हैं। यह वही मांझा है, जो पहले भी कई लोगों के लिए काल साबित हो चुका है। जरा सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चाइनीज मांझा पहले से ही कई निर्दोष लोगों की जान ले चुका है। राह चलते पैदल यात्रियों से लेकर दोपहिया वाहन चालकों तक, अनेक लोग इस धारदार धागे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। कई मामलों में तो यह धागा गर्दन और हाथों पर गहरे जख्म देकर जानलेवा साबित हुआ है।
बताया जाता है कि पतंग कटने के बाद जब मांझे की रील को तेजी से खींचा जाता है, तब सड़क या गली से गुजरने वाला कोई न कोई व्यक्ति उसकी जद में आ जाता है और हादसे का शिकार हो जाता है। इसके बावजूद नगर क्षेत्र में कुछ विक्रेता मुनाफे के लालच में प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए इस प्रतिबंधित मांझे की बिक्री कर रहे हैं।
चर्चा है कि कुछ विक्रेता न सिर्फ शमशाबाद नगर, बल्कि आसपास के गांवों और यहां तक कि अन्य जनपदों में भी चाइनीज मांझे की सप्लाई कर रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल खड़े कर रही है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने पूर्व में जानलेवा हादसों को देखते हुए चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि प्रतिबंध का असर न के बराबर दिखाई दे रहा है। इस पूरे मामले को लेकर समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने गहरा अफसोस जताया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में जानलेवा हादसों का ग्राफ और बढ़ सकता है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि चाइनीज मांझे के अवैध कारोबार में लिप्त विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और शहर से लेकर गांव तक व्यापक अभियान चलाकर इस खतरनाक धागे की बिक्री पूरी तरह बंद कराई जाए।


