फर्रुखाबाद। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को जिले में सभी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन की हड़ताल पर रहे। बैंककर्मी पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर आंदोलनरत रहे, जिससे जिले में बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह ठप रही।
हड़ताल के दौरान यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर बैंककर्मियों ने जोरदार धरना–प्रदर्शन किया। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में स्टेट बैंक सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, निजी बैंक, ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक के अधिकारी–कर्मचारी शामिल रहे। बैंकों के गेट पर ताले लटके रहे और कोई भी शाखा नहीं खुली।
जिले की करीब 300 बैंक शाखाओं में हड़ताल पूरी तरह प्रभावी रही। इसके चलते करोड़ों रुपये का बैंकिंग लेन–देन और चेक क्लीयरिंग पूरी तरह बाधित रहा। लगातार तीन दिन से बैंक बंद रहने के कारण एटीएम पहले ही खाली हो चुके थे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
इस हड़ताल में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के घटक के रूप में पाँच कर्मचारी संगठन और चार अधिकारी संगठन शामिल रहे।
क्या है बैंककर्मियों की मांग
बैंककर्मी माह के सभी शनिवार को बैंक बंद रखने और पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है।
धरना–प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आश्रय अवस्थी ने कहा कि पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है।
पीडीएसए इटावा मंडल के प्रांतीय सहायक महामंत्री राजीव कुमार ने कहा कि आज बैंकिंग सेवाएँ बड़े पैमाने पर डिजिटल और 24×7 उपलब्ध हैं, इसलिए शाखाओं के कार्यदिवस कम होने से ग्राहकों को नुकसान नहीं होगा। इससे कर्मचारियों की कार्यकुशलता, मानसिक स्वास्थ्य और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।
सेंट्रल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के उपसचिव मयंक गुप्ता ने कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शनिवार को अवकाश होने पर उस दिन के कार्य समय को सोमवार से शुक्रवार में समायोजित करने के लिए बैंककर्मी पहले से तैयार हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों से तनख्वाह कटौती के बावजूद हड़ताल को सफल बनाने की अपील की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here