विदेशी अधिनियम में दोषी करार
औरैया
सहार थाना क्षेत्र से पांच माह पूर्व गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिक इस्लाम गाजी को न्यायालय ने विदेशी अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए ढाई वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) शालिनी त्यागी की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला सुनाया। न्यायालय के इस निर्णय के बाद प्रशासनिक महकमे में सतर्कता और कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार थाना सहार पुलिस ने 17 सितंबर 2025 को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम इस्लाम गाजी, उम्र करीब 65 वर्ष, निवासी दामोदर परगना फुलथला, जिला खुलना (बांग्लादेश) बताया। प्रारंभिक जांच में उसके पास भारत में वैध रूप से निवास करने अथवा प्रवेश करने से संबंधित कोई अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
जामा तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके विरुद्ध विदेशी अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। इसके बाद प्रकरण की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन अधिकारी प्रीतिलता ने न्यायालय में साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए आरोपों को प्रमाणित किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर इस्लाम गाजी को दोषी मानते हुए ढाई वर्ष के साधारण कारावास तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी प्रावधान रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में पुलिस ने पांच माह के भीतर विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप अपेक्षाकृत कम समय में फैसला आ सका। न्यायालय के निर्णय को अवैध रूप से देश में प्रवेश और निवास के मामलों में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


