नई दिल्ली। पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस रहा है। वहां अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ लगातार सामने आ रहे अत्याचार और हमलों की घटनाओं ने न केवल बांग्लादेश बल्कि भारत में भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। मंदिरों में तोड़फोड़, घरों और दुकानों पर हमले तथा हिंदू परिवारों को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद अब भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
राजधानी दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर और जोरदार नारों के साथ बांग्लादेश में हो रही हिंसा का विरोध किया। “खेल और खून साथ नहीं”, “जागो हिंदू जागो” और “बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। लोगों का कहना है कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को डर और असुरक्षा के माहौल में जीने पर मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि भारत सरकार को इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठानी चाहिए। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इन प्रदर्शनों में हिस्सा लिया और बांग्लादेश में शांति व सौहार्द बहाल करने की मांग की।
देश के विभिन्न शहरों में हुए इन विरोध प्रदर्शनों के चलते माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि बांग्लादेश में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर भारत-बांग्लादेश संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, भारत में लोगों की एक ही मांग गूंज रही है—बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार तत्काल बंद हों और उन्हें सुरक्षित जीवन का अधिकार मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here