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Saturday, March 14, 2026

समाज कल्याण विभाग में बंदरबांट के आरोप

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आश्रम पद्धति विद्यालय की सप्लाई और स्वयं सहायता समूहों में अनियमितताओं की चर्चा

फर्रुखाबाद। गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए संचालित समाज कल्याण विभाग इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, छात्रवृत्ति और विवाह अनुदान जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालने वाला यह विभाग जिले में कथित अनियमितताओं और बंदरबांट के आरोपों से घिरता दिखाई दे रहा है।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय में सप्लाई और व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। यह विद्यालय अनुसूचित जाति एवं जनजाति के गरीब छात्रों को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, किताबें और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है, लेकिन आरोप है कि यहां व्यवस्थाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार विद्यालय में अध्यापक जीत कुमार की पारिवारिक फर्म द्वारा विद्यालय और विभागीय कार्यालय में लगातार सप्लाई दी जा रही है। बताया जाता है कि इस सप्लाई के बदले विभाग से बड़ी धनराशि का भुगतान होता है और कथित रूप से इसका आपस में बंटवारा कर लिया जाता है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इस कार्य में अन्य किसी फर्म या व्यक्ति को प्रवेश तक नहीं दिया जाता, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विद्यालय में भोजन और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े कार्य अमन स्वयं सहायता समूह और मन्नत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कराए जाने की जानकारी सामने आई है। चर्चा है कि इन समूहों से भी कथित रूप से मोटी रकम मासिक तौर पर ली जाती है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि यह पैसा कथित रूप से अध्यापक जीत कुमार के माध्यम से लिया जाता है और फिर ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही जाती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर असंतोष का माहौल बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस विभाग को गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए, वहीं पर सरकारी धन के दुरुपयोग की चर्चा आम हो रही है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि समाज कल्याण अधिकारी रेनू पर अपने गृह जनपद मैनपुरी की एक फर्म को काम देने और विभागीय बाबू संतोष द्वारा पूरे काम की सेटिंग करने की चर्चाएं हैं।
गौरतलब है कि एक ओर जिलाधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार द्विवेदी और मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार जिले की व्यवस्थाओं को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण विभाग को लेकर उठ रहे ऐसे आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अब जरूरत इस बात की है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रह सके।

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