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Friday, March 27, 2026

नेपाल में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन, बालेंद्र शाह बने नए प्रधानमंत्री

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काठमांडू। नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां बालेंद्र शाह (बालेन शाह) देश के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। हालिया आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी ) को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद उनके नेतृत्व पर मुहर लग गई। 275 सदस्यीय संसद में पार्टी ने करीब 182 सीटें जीतकर मजबूत जनादेश हासिल किया है, जिसे नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
यह चुनाव परिणाम खासतौर पर युवाओं की भूमिका के कारण चर्चा में रहा। 2025 में हुए जेन -जेड आंदोलन के बाद जनता में बदलाव की जो लहर बनी, उसने चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पारंपरिक राजनीति से नाराज मतदाताओं—खासतौर पर युवाओं—ने खुलकर बालेन शाह का समर्थन किया। यही कारण रहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल इस बार पीछे छूट गए।
अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन कहा कि यह जनादेश जनता की स्पष्ट इच्छा का प्रतीक है और अब सत्ता को बहुमत सरकार को सौंपने का लक्ष्य पूरा हो चुका है। उन्होंने नए नेतृत्व से सुशासन, पारदर्शिता और आर्थिक सुधार की उम्मीद जताई।
बालेंद्र शाह का राजनीतिक सफर भी बेहद अलग रहा है। इंजीनियर और पूर्व रैपर के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने काठमांडू के मेयर के तौर पर लोकप्रियता हासिल की और अब प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे हैं। करीब 35 वर्ष की उम्र में वह दुनिया के युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल हो गए हैं, जिससे नेपाल में नई राजनीति और नई सोच को बल मिला है।
शपथ ग्रहण समारोह को भी खास बनाने की तैयारी की गई है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के समक्ष शपथ लेते समय 108 ब्राह्मण वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे, जबकि 16 बौद्ध भिक्षु भी अनुष्ठान में शामिल होंगे। यह आयोजन नेपाल की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक समन्वय को दर्शाता है।
हालांकि जनादेश मजबूत है, लेकिन नई सरकार के सामने कई चुनौतियां भी हैं। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, युवाओं के लिए रोजगार, आर्थिक सुधार और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना नई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
कुल मिलाकर, नेपाल में यह सत्ता परिवर्तन केवल राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि एक नई सोच, युवा नेतृत्व और जनभागीदारी की राजनीति का संकेत है। अब देश की निगाहें बालेंद्र शाह पर टिकी हैं कि वह उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।

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