पटना में बनेगा शिप रिपेयरिंग सेंटर, गंगा जलमार्ग से बढ़ेगा व्यापार
पटना। केंद्रीय बजट 2026–27 में बिहार को महत्वपूर्ण सौगात मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान पटना और वाराणसी में शिप रिपेयरिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। इस फैसले को गंगा और अन्य अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से माल ढुलाई को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य इन शिप रिपेयरिंग सेंटरों के माध्यम से इनलैंड वाटरवेज नेटवर्क को मजबूत करना है, ताकि जलमार्गों से परिवहन सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। खास तौर पर बिहार में गंगा नदी के जरिए व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पटना में शिप रिपेयरिंग सेंटर बनने से
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे,जहाजों और मालवाहक नौकाओं के रखरखाव की सुविधा मिलेगी,और जल परिवहन से जुड़े छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
पटना और वाराणसी में शिप रिपेयरिंग सेंटर बनने से पूर्वी भारत का जलमार्ग नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए व्यापारिक कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है।
सरकार का दावा है कि यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी बल्कि नदी आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में बिहार को मिली यह सौगात राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






