
नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026 का आम बजट पेश किया। करीब 85 मिनट के लंबे बजट भाषण में सरकार ने आर्थिक विकास को गति देने, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक क्षेत्रों को मजबूत करने पर फोकस रखा, हालांकि आम आदमी को तुरंत राहत देने वाला कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होने से मध्यम वर्ग को निराशा जरूर हुई, लेकिन टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने, रेलवे नेटवर्क के विस्तार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसले बजट में शामिल रहे।
सरकार ने रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाकर करदाताओं को बड़ी सहूलियत दी है। अब करदाता 31 दिसंबर के बजाय 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं। इससे न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की 17 दवाओं पर आयात शुल्क समाप्त करने का ऐलान किया गया है, जबकि 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों को भी ड्यूटी फ्री किया गया है। इसके साथ ही देश में 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS खोलने और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 मेडिकल हब विकसित करने की घोषणा की गई है। शहरी विकास को लेकर 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है, जिससे इन शहरों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सरकार 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करेगी, जिससे डिजिटल और रचनात्मक कौशल को बढ़ावा मिलेगा। वहीं महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश के करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है, ताकि शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सके।
कुल मिलाकर बजट के तीन मुख्य विजन—‘रफ्तार’, ‘क्षमता’ और ‘सबका साथ’—के जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्पादकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज किया जाएगा, लोगों की क्षमताओं को निखारकर उन्हें विकास का भागीदार बनाया जाएगा और हर क्षेत्र व हर परिवार तक अवसर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि आम जनता को तत्काल राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार का दावा है कि ये फैसले लंबे समय में देश की अर्थव्यवस्था और समाज दोनों को मजबूती देंगे।
कांग्रेस ने कहा ‘फीका’, हेल्थ सेक्टर ने सराहा
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर राजनीतिक दलों और उद्योग जगत की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह फीका है और इसमें आम आदमी के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और मध्यम वर्ग की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। वहीं दूसरी ओर हेल्थकेयर इंडस्ट्री ने बजट के कुछ ऐलानों की सराहना की है।
बजट 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, शिक्षा और डिजिटल इंडिया पर सरकार का बड़ा फोकस
नई दिल्ली| केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में विकास, निवेश और सामाजिक क्षेत्रों को केंद्र में रखते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा गया है। रेलवे क्षेत्र में 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है, जिनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, दिल्ली–वाराणसी सहित प्रमुख रूट शामिल हैं। अगले पांच वर्षों में 20 नए जल मार्ग विकसित किए जाएंगे।
हेल्थकेयर सेक्टर को मजबूती देते हुए 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब, 3 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और 2 राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की घोषणा की गई है। कैंसर और गंभीर बीमारियों की 17 दवाओं को सस्ता किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में हर जिले में एक महिला छात्रावास, 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब तथा 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव है।
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के लिए नारियल, काजू, कोको जैसी फसलों को प्रोत्साहन और मत्स्य व पशुपालन क्षेत्र में नए अवसर देने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि बजट का लक्ष्य ‘विकसित भारत’ की दिशा में तेज आर्थिक रफ्तार और समावेशी विकास है।






