ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (BAFTA) ने इस साल के प्रतिष्ठित फिल्म अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन की घोषणा कर दी है और इस बार की लिस्ट कई मायनों में खास मानी जा रही है। हॉलीवुड के बड़े सितारों से लेकर भारतीय सिनेमा तक, नामांकनों में ग्लोबल सिनेमा की मजबूत मौजूदगी देखने को मिल रही है। इस साल सबसे ज्यादा चर्चा लियोनार्डो डिकैप्रियो, माइकल बी जॉर्डन और टिमोथी चालमेट की फिल्मों को लेकर हो रही है।
सबसे ज्यादा 14 नामांकन हासिल कर लियोनार्डो डिकैप्रियो की फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ इस रेस में सबसे आगे निकल गई है। फिल्म को बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर समेत कई प्रमुख कैटेगरीज में नॉमिनेशन मिला है। समीक्षकों का मानना है कि यह फिल्म डिकैप्रियो के करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक मानी जा रही है, जिसने अवॉर्ड सीजन में उन्हें मजबूत दावेदार बना दिया है।
वहीं माइकल बी जॉर्डन की फिल्म ‘सिनर्स’ भी BAFTA नॉमिनेशन में बड़ी खिलाड़ी बनकर उभरी है। इस फिल्म को भी कई अहम श्रेणियों में नामांकन मिला है और इसे दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है। गहरी कहानी और दमदार अभिनय के चलते ‘सिनर्स’ को अवॉर्ड रेस में बेहद मजबूत माना जा रहा है।
तीसरे स्थान पर टिमोथी चालमेट की फिल्म ‘मार्टी सुप्रीम’ रही है, जिसने भी BAFTA की नॉमिनेशन लिस्ट में अपनी खास जगह बनाई है। चालमेट की परफॉर्मेंस को एक बार फिर सराहना मिली है और माना जा रहा है कि वह युवा अभिनेताओं की कैटेगरी में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं।
इस साल BAFTA नॉमिनेशन में भारत के लिए भी गर्व का पल देखने को मिला है। मणिपुर की फिल्म ‘बूंग’ को सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म श्रेणी में नामांकन मिला है। यह उपलब्धि न सिर्फ पूर्वोत्तर भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों की पहचान तेजी से बढ़ रही है।
फिल्म ‘बूंग’ का नामांकन इस बात का संकेत है कि BAFTA जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अब कंटेंट, संस्कृति और संवेदनशील कहानियों को भाषा या बजट से ऊपर रखकर आंका जा रहा है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह एक मजबूत संदेश है कि वैश्विक स्तर पर अब विविधता और नई आवाजों को गंभीरता से सुना जा रहा है।


