लखनऊ / गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश प्रशासन में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गाजियाबाद के एसडीएम विराग पांडे समेत तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासन स्तर पर जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारी चंदौली में तैनाती के दौरान तहसीलदार के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान सरकारी भूमि से जुड़े करीब 20 नोटिस जारी किए गए थे। बाद में ये नोटिस संदिग्ध परिस्थितियों में वापस ले लिए गए, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंदौली के जिलाधिकारी के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी।
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया प्रशासनिक अनियमितता और लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों अधिकारियों को निलंबित करने का फैसला लिया।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के बीच यह संदेश गया है कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार पहले से ही सरकारी जमीनों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक को लेकर सख्त है। इस कार्रवाई को उसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आगे विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
गाजियाबाद के एसडीएम समेत तीन अधिकारियों का निलंबन यह साफ संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही तय की जा रही है। अब सबकी नजरें आगे होने वाली विभागीय जांच और अंतिम कार्रवाई पर टिकी हैं।

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