दिल्ली
राजधानी में नाबालिगों के घर छोड़ने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। छोटी-छोटी बातों, परीक्षा के दबाव और पारिवारिक तनाव के चलते बच्चे अचानक घर छोड़ने जैसे कदम उठा रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
हाल ही में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने चार नाबालिगों को अलग-अलग स्थानों से ढूंढकर सुरक्षित उनके परिवारों को सौंपा। एक किशोर परीक्षा छूटने के डर से हरिद्वार चला गया था और बाद में दिल्ली लौटकर फैक्टरी में काम करने लगा। पुलिस ने उसे खोजकर परिजनों तक पहुंचाया।
इसी तरह एक किशोरी घरेलू विवाद के कारण देवघर पहुंच गई थी, जबकि दूसरी किशोरी माता-पिता के तलाक से परेशान होकर रिश्तेदार के यहां रहने लगी। एक अन्य मामला वजीराबाद का है, जहां 16 वर्षीय लड़की एक युवक के साथ वैष्णो देवी चली गई और शादी कर ली। पुलिस ने सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित वापस लाया।
विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों को समस्याओं से भागने के बजाय परिवार से खुलकर बात करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पुलिस ऐसे मामलों में काउंसलिंग भी कराती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना होगा, ताकि वे मानसिक दबाव में गलत कदम न उठाएं।


