बाढ़ का कहर: गंगा खतरे के निशान से ऊपर, 162 गाँव जलमग्न

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फर्रुखाबाद।
गंगा नदी का जलस्तर जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह खतरे के निशान से लगभग 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुँच चुका है। इसका सीधा असर फर्रुखाबाद के ग्रामीण इलाकों पर पड़ा है, जहां अब तक 162 गाँव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। हजारों ग्रामीण अपने घरों से बेघर होकर अस्थायी ठिकानों पर रहने को मजबूर हैं।बाढ़ का पानी घरों, खेतों और रास्तों में भर गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक लगभग 5000 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, जिससे धान, मक्का और सब्जियों जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गंगा पार क्षेत्र के गांव कुँवरपुर, सलेमपुर, जोगराजपुर, हरिहरपुर, कटरी धर्मपुर और गढ़िया हेबतपुर सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी लगातार बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर रहे हैं। प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए 154 नावें, 11 मोटरबोट और 9 स्टीमर तैनात किए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम और दवाइयों की आपूर्ति शुरू कर दी है। हाल ही में सीएमओ फर्रुखाबाद ने बाढ़ शिविरों का निरीक्षण कर पीड़ितों के बीच दवाइयों का वितरण किया।नरौरा बैराज से वर्तमान में 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। बाढ़ ने न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि किसानों की मेहनत भी पानी में बह गई है। कई परिवार अब छतों पर या पन्नी डालकर बने अस्थाई टेंटों में दिन गुजार रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की मदद समय पर मिल रही है, लेकिन हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं।

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