लखनऊ| सर्दी से बचने के लिए कार के चारों शीशे बंद कर ब्लोअर चलाना एक युवक के लिए जानलेवा साबित होते-होते रह गया। शुक्रवार दोपहर निगोहां थाने के पास चलती कार में अचानक चालक बेहोश होकर स्टीयरिंग पर गिर पड़ा, जिससे कार सड़क के बीचों-बीच रुक गई। गनीमत रही कि उसी समय गश्त पर निकले निगोहां थाने के प्रभारी अनूप तिवारी और उनकी टीम की नजर संदिग्ध हालत में खड़ी कार पर पड़ गई। शीशे पूरी तरह बंद थे और अंदर चालक अचेत अवस्था में दिखाई दे रहा था।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मियों ने तत्काल ईंट से कार का शीशा तोड़ा और युवक को बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता दी। समय रहते मिली मदद से युवक की जान बच गई। कार से बाहर निकालने पर उसकी पहचान मीरकनगर गांव निवासी सरवन यादव के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और युवक को निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से सरवन यादव की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सरवन यादव मोहनलालगंज से निगोहां की ओर लौट रहे थे। ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने कार के सभी शीशे बंद कर ब्लोअर चालू कर रखा था। लंबे समय तक बंद कार में ब्लोअर चलने से भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो गई, जिससे ऑक्सीजन की मात्रा धीरे-धीरे कम होती चली गई। इसी कारण युवक को चक्कर आए और वह बेहोश होकर स्टीयरिंग पर गिर पड़ा।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ. संतोष ने बताया कि बंद कार में हीटर या ब्लोअर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तेजी से इकट्ठा हो सकती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे व्यक्ति को खतरे का आभास नहीं होता। सांस के साथ यह गैस खून में मिलकर ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम कर देती है, जिससे चक्कर, घबराहट, बेहोशी और दम घुटने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। डॉक्टरों और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सर्दियों में कार चलाते समय वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।






