‘एजुकेशन ऑन व्हील’ योजना, प्रक्रिया में क्रियान्वयन
लखनऊ। प्रदेश में ईंट-भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों और उनके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित ‘एजुकेशन ऑन व्हील’ योजना फिलहाल प्रक्रिया में है। श्रम विभाग के अनुसार योजना की शुरुआत की तिथि और इसे किन-किन स्थानों पर लागू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हो सका है, हालांकि इससे जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। योजना लागू होने के बाद इससे हजारों श्रमिक परिवारों और उनके बच्चों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी श्रमिक ईंट-भट्टों पर काम करते हैं। ये भट्टे अक्सर दूर-दराज इलाकों में स्थित होते हैं, जहां श्रमिक परिवार अस्थायी रूप से निवास करते हैं। ऐसे में उनके साथ रहने वाले बच्चों की पढ़ाई नियमित स्कूलों से जुड़ नहीं पाती और शिक्षा से दूरी बन जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ‘एजुकेशन ऑन व्हील’ योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस योजना के तहत मोबाइल शिक्षा इकाइयों के माध्यम से ईंट-भट्टों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा, बुनियादी साक्षरता और प्रारंभिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा। मोबाइल वैन या चलित कक्षाओं के जरिए बच्चों को पढ़ाई से जोड़ा जाएगा, ताकि स्थान बदलने के बावजूद उनकी शिक्षा बाधित न हो।
योजना के क्रियान्वयन में श्रम विभाग के साथ शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जाएगा। पहले चरण में यह तय किया जाएगा कि किन जिलों और कितने ईंट-भट्टों पर योजना शुरू की जाए। इसके लिए आवश्यक संसाधन, शिक्षण सामग्री और प्रशिक्षित कर्मियों की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रमुख सचिव श्रम डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि ईंट-भट्टों पर कार्यरत श्रमिक बच्चों के लिए ‘एजुकेशन ऑन व्हील’ समेत अन्य शिक्षा से जुड़ी पहलें अभी प्रक्रिया में हैं। योजना की शुरुआत की तिथि और स्थानों की संख्या को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। विभाग को उम्मीद है कि योजना लागू होने से शिक्षा से वंचित बच्चों को सीखने का अवसर मिलेगा और श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।






