रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म खान (Azam Khan) ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट (Maulana Mohammad Ali Jauhar Trust) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। यह ट्रस्ट उनका सपना था और जौहर विश्वविद्यालय तथा रामपुर पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों का संचालन करता है। खान ने यह इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि उनकी निरंतर कैद ट्रस्ट के कामकाज में बाधा डाल रही थी।
आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तनज़ीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आज़म ने ट्रस्ट के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। आज़म की बहन निकहत अफलाक ट्रस्ट की नई अध्यक्ष होंगी, जबकि आज़म के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आज़म को सचिव नियुक्त किया गया है। सपा विधायक नसीर अहमद खान को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि मुश्ताक अहमद सिद्दीकी उपाध्यक्ष और जावेद उर रहमान खान कोषाध्यक्ष हैं।
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. एस.एन. सलाम ने कहा कि ट्रस्ट के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए इसमें बदलाव किए गए हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “कई ट्रस्टियों के जेल जाने से कामकाज में बाधा आ रही थी, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ट्रस्ट की संपत्तियों और पट्टों पर कार्रवाई कर रहा है।”
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान का सपना था, जिसकी शुरुआत पिछली सपा सरकार के दौरान हुई थी। इसी ट्रस्ट के माध्यम से उन्होंने रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।


