आयुष्मान भारत योजना के छूटे लाभार्थियों को जोड़ने के लिए 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक विशेष अभियान

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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को सौ फीसद लाभ दिलाने के उद्देश्य से इस वर्ष 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक एक माह का विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाना है, जिनके आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं या जिनके परिवार के कुछ सदस्य अभी भी सूची से बाहर हैं। विशेष तौर पर, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे बुजुर्गों को उपचार में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए।

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) ने बताया कि इस अभियान को सुचारू बनाने के लिए प्रदेश के कई प्रमुख विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, खाद्य एवं रसद, शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा सूचना विभाग शामिल हैं। अभियान से जुड़े सभी जिलों को पात्र परिवारों का विस्तृत डाटा data.ayushman.up.in पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि छूटे हुए परिवारों और पात्र लाभार्थियों की आसानी से पहचान की जा सके और कार्ड बनाने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न विभागों में कार्यरत फील्ड लेवल वर्कर्स—जैसे आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सहायकों और अन्य फील्ड स्टाफ—की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र परिवारों की जानकारी जुटाएंगे और छूटे हुए लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराएंगे। ई-केवाईसी के लिए प्रति कार्ड पांच रुपये की प्रोत्साहन राशि भी निर्धारित की गई है, जिससे फील्ड वर्कर्स को और अधिक सक्रिय रूप से काम करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

कार्ड बनाने की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पतालों, नगर निकायों और पंचायत भवनों पर आयुष्मान कार्ड बनाने की विशेष डेस्क स्थापित की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऐप के माध्यम से मौके पर ही कार्ड बनाने की तकनीकी सुविधा भी दी गई है, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

अभियान का लक्ष्य है कि प्रदेश में रहने वाला कोई भी पात्र परिवार या वरिष्ठ नागरिक उपचार के अभाव में पीछे न रह जाए। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि इस अवधि में सभी विभाग मिलकर काम करें और सुनिश्चित करें कि आयुष्मान भारत योजना का वास्तविक लाभ हर उस व्यक्ति तक पहुँचे, जिसे इसकी जरूरत है। यह अभियान प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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