यूपी के 700 निजी अस्पताल पैनल से बाहर होने की कगार पर
लखनऊ। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। योजना से जुड़े करीब 700 निजी अस्पतालों पर गाज गिर सकती है। इन अस्पतालों ने 31 जनवरी तक हेम 2.0 (HIM 2.0) के तहत तय किए गए 35 अनिवार्य मानकों को पूरा नहीं किया है, जबकि इसके लिए पर्याप्त समय और निर्देश दिए जा चुके थे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन अस्पतालों को अब 15 फरवरी तक अंतिम अवसर दिया गया है। यदि तय समयसीमा तक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं तो संबंधित निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से हटा दिया जाएगा, जिससे वे योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं दे सकेंगे।
बताया गया है कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) और स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA), उत्तर प्रदेश द्वारा कई बार निर्देश और सूचनाएं जारी की गईं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों ने मानकों को पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखाई। इसी को देखते हुए अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया गया है।
हेम 2.0 के तहत अस्पतालों के लिए डिजिटल रिकॉर्ड, पारदर्शी बिलिंग सिस्टम, मरीजों की जानकारी का ऑनलाइन अपडेट, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्ता मानक अनिवार्य किए गए हैं। इन मानकों का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता लाना और लाभार्थियों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मरीजों के हितों की सुरक्षा और योजना की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है। यदि अस्पताल तय मानकों पर खरे उतरते हैं, तभी उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा। इस संभावित कार्रवाई के बाद प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।






