मेरठ
मवाना क्षेत्र के सठला गांव निवासी संदिग्ध आतंकी आकिब खान के खिलाफ जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दुबई में छिपे आकिब को भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है और अब उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश एटीएस जल्द ही पासपोर्ट कार्यालय को पत्र भेजकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेगी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आकिब के तार पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं और वह भारत में आतंकी साजिश रचने में शामिल था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कई एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं।
कार्रवाई के बीच आकिब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फिर से धमकी भरे संदेश पोस्ट किए हैं। उसके कुछ साथियों द्वारा भी भड़काऊ बयान दिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं और उसकी डिजिटल गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस मामले में एटीएस पहले ही चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें मेरठ के साकिब और अरबाब के अलावा गौतमबुद्धनगर के लोकेश और विकास शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और देश में धमाकों की साजिश रच रहे थे। बताया जा रहा है कि इनका संपर्क आकिब के जरिए ही हुआ था।
पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब एक दर्जन युवक इस नेटवर्क के रडार पर हैं। एजेंसियां इनकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं और जल्द ही आगे की कार्रवाई की संभावना है। पूरे मामले में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।


