नई दिल्ली| राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कृतज्ञ राष्ट्र ने लोकतंत्र, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर दिल्ली स्थित उनके स्मारक ‘सदैव अटल’ पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं से लेकर सामाजिक-धार्मिक हस्तियों तक ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदैव अटल पहुंचकर भारत रत्न वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आज के भारत के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को एक दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में शुचिता, संवाद और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।
101वीं जयंती के अवसर पर सदैव अटल परिसर में एक विशेष संगीतबद्ध श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित अनेक वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के कवि हृदय, प्रखर वक्तृत्व और सर्वसमावेशी राजनीति की चर्चा की। पोखरण परमाणु परीक्षण, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना और विदेश नीति में भारत की सशक्त पहचान जैसे निर्णयों को उनके ऐतिहासिक योगदान के रूप में याद किया गया। पूरे आयोजन में ‘अटल’ नाम की तरह ही उनके विचारों की स्थायित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को केंद्र में रखा गया।
अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर आयोजित यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके आदर्शों और राष्ट्रवादी सोच को आत्मसात करने का संदेश भी देता नजर आया।

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