असम
विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस केस में जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर भी छापेमारी की। हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, पुलिस को वहां खेड़ा नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि खेड़ा पूछताछ से बचने के लिए कहीं और चले गए हैं।
यह पूरा मामला मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत के बाद सामने आया है। उन्होंने गुवाहाटी में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए।
एफआईआर के मुताबिक, पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल कर यह दिखाने की कोशिश की कि रिंकी भुइयां सरमा के पास कई देशों की नागरिकता, पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं। शिकायत में कहा गया है कि ये दस्तावेज नकली थे और इनमें फर्जी मुहरें व क्यूआर कोड लगाए गए थे।
रिंकी भुइयां सरमा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की झूठी जानकारी फैलाकर उनकी और उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की गई। साथ ही, इससे सामाजिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी गई है और डिजिटल व भौतिक दोनों तरह के साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं, कांग्रेस इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रही है। चुनाव से ठीक पहले इस मामले ने राज्य की सियासत को और ज्यादा गरमा दिया है।


