– पी एम को पत्र लिख आलू बीज उत्पादन नीति बनाने की उठाई मांग
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में लगातार गिरते आलू के दाम और किसानों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड, उ.प्र. के निदेशक अशोक कटियार (एडवोकेट) ने केंद्र सरकार से आलू बीज उत्पादन की ठोस नीति बनाने की मांग की है। इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है।
पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है। प्रदेश में सैकड़ों लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है और देश के कुल आलू उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश से आता है। इसके बावजूद आलू किसानों को आज भी उचित मूल्य, बीज की गुणवत्ता और स्थायी नीति के अभाव में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पत्र के माध्यम से यह भी बताया गया कि पर्याप्त बीज उत्पादन व्यवस्था न होने के कारण किसान आज भी पुराने व परंपरागत बीजों पर निर्भर हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है और उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। सरकारी फार्मों पर सीमित बीज उत्पादन किसानों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है।
उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग
अशोक कटियार ने मांग की है कि आलू किसानों के हित में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए, जो—आलू बीज उत्पादन की नीति तय करे।
उन्नत व रोगमुक्त बीज किसानों तक सस्ती दरों पर पहुंचाए
बीज उत्पादन में प्रगतिशील किसानों को भी भागीदार बनाए
आलू के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और विपणन व्यवस्था को मजबूत करे।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आलू केवल एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों किसानों की आजीविका का आधार है। यदि समय रहते नीति नहीं बनी, तो आने वाले समय में आलू किसान और अधिक संकट में फंस सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग पर कितना गंभीरता से विचार करती है और आलू किसानों को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।





