औरैया: बिधूना कस्बे में मार्च माह के दूसरे सप्ताह में ही तापमान के 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से गर्मी का असर तेज हो गया है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पेयजल की मांग भी तेजी से बढ़ती जा रही है, लेकिन इसके विपरीत कस्बे के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब पड़े होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बाजार आने वाले राहगीर और दुकानदार तक पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कस्बे में कई स्थानों पर लगे वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़े हैं। कहीं टोटियां टूटी हुई हैं तो कहीं कूलिंग सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुका है। दुर्गा मंदिर के सामने लगे वाटर कूलर से पानी तो आ रहा है, लेकिन उसमें ठंडक नहीं होने के कारण लोग गर्म पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं अछल्दा रोड स्थित गांधी स्कूल रोड के पास भगत सिंह चौराहा पर लगा वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है।
इसके अलावा कोतवाली गेट पर लगा वाटर कूलर भी बंद होने से थाने आने-जाने वाले लोगों को पेयजल की समस्या झेलनी पड़ रही है। नदी तिराहा पर स्थापित वाटर कूलर भी खराब पड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग में तेजी आई है, लेकिन व्यवस्थाओं की अनदेखी के चलते लोग बाजार में बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हो गए हैं।
कस्बे के निवासी विपिन यादव, दिलीप, अरविंद सिंह और प्रखर सहित अन्य लोगों ने बताया कि प्रशासन द्वारा लगाए गए वाटर कूलर यदि सही स्थिति में होते तो आमजन को बड़ी राहत मिल सकती थी, लेकिन लापरवाही के कारण ये सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द खराब पड़े वाटर कूलरों को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि गर्मी के इस मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष आदर्श कुमार मिश्रा ने बताया कि कस्बे में खराब पड़े वाटर कूलरों का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन वाटर कूलरों में खराबी पाई गई है, उन्हें जल्द ही ठीक कराने के लिए टीम लगाई गई है और शीघ्र ही सभी कूलरों को चालू कर दिया जाएगा, जिससे आमजन को पेयजल संकट से राहत मिल सके।


