लखनऊ। प्रदेश दौरे के दूसरे दिवस लखनऊ महानगर में अरुण कुमार सिन्हा ( आईएएस) से उनके सम्मानार्थ एक सौजन्य मुलाकात एवं सामाजिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. एस.सी. गंगवार, श्री केदार सचान एवं श्री हेमंत सचान उपस्थित रहे।
मानवीय संवेदनशीलता के लिए पहचाने जाते हैं अरुण कुमार सिन्हा
सेवाकाल के दौरान अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए मानवीय संवेदनशीलता और जनोन्मुख प्रशासन के लिए अरुण कुमार सिन्हा को विशेष रूप से जाना जाता है। उनके इसी व्यवहार और कार्यशैली के चलते दर्जनों सामाजिक संगठनों द्वारा उन्हें समय-समय पर सम्मानित किया गया है।
उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ अधिकारी रहे श्री सिन्हा ने उत्तर प्रदेश शासन में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार में संयुक्त सचिव से लेकर सचिव पद तक अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
वे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष भी रहे। सेवाकाल के दौरान उन्होंने रचनात्मक और नीतिगत व्यवस्थाएं विकसित करने पर विशेष बल दिया, जिनका योगदान आज भी उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में यादगार माना जाता है।“सामाजिक संवाद” बैठक में लखनऊ मंडल के मान्यवर सदस्यों के साथ सामाजिक, प्रशासनिक और समकालीन विषयों पर सार्थक विमर्श हुआ। संवाद में समाज और शासन के बीच बेहतर समन्वय, संवेदनशील प्रशासन और सामाजिक सहभागिता जैसे विषय प्रमुख रहे।
इस अवसर पर मराठा समन्वय परिषद द्वारा श्री अरुण कुमार सिन्हा को उनके समग्र सामाजिक एवं शासकीय योगदान के लिए शाल एवं पुष्पमाला से सम्मानित किया गया। साथ ही परिषद द्वारा सृजित स्वराज्य जनक परिवार प्रतिमा शिवभारत दिनदर्शिका 2026 (प्रकाशन)भेंट स्वरूप प्रदान की गई।
सम्मान समारोह में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश पाटील के साथ उत्तर भारत के मराठा इतिहास शोधकर्ता एवं लेखक डॉ. एस.सी. गंगवार, श्री केदार सचान और श्री हेमंत सचान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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