झांसी। अवैध खनन और अवैध परिवहन के मामलों में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शासन ने लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर में तैनात सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) को निलंबित कर दिया है। यह कदम गंभीर शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है।
इसके बावजूद झांसी में अवैध परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे ट्रक
झांसी में सड़कों पर अब भी
बिना नंबर प्लेट के ट्रक
बिना वैध परमिट और दस्तावेजों के वाहन
रात के समय अवैध खनन सामग्री का खुलेआम परिवहन
देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चेकिंग अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं।
अधिकारियों पर सिंडिकेट के आरोप
सूत्रों के मुताबिक खनन और परिवहन विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों का आपसी गठजोड़ है। इसी सिंडिकेट के कारण अवैध खनन और परिवहन की गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं। कार्रवाई की सूचना पहले ही संबंधित लोगों तक पहुंच जाने के आरोप भी लग रहे हैं।
राजस्व और सुरक्षा दोनों पर असर
अवैध खनन और परिवहन से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। वहीं ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है।
लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के ARTO के निलंबन को शासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन झांसी की स्थिति साफ कर रही है कि स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी और निरंतर कार्रवाई जरूरी है।
निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई के बाद भी झांसी में अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अवैध कारोबार पर कब और कैसे निर्णायक प्रहार करता है।






