समाजवादी पार्टी ने अपने संस्थापक सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। पार्टी मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक आयोजित कार्यक्रमों में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समाजवादी पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक संदेश में कहा गया कि बेनी प्रसाद वर्मा केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा के सशक्त स्तंभ थे। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में गरीब, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को प्राथमिकता दी। उनकी राजनीति सेवा, संघर्ष और जनसरोकारों पर आधारित रही, जो आज भी प्रासंगिक है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि ‘बाबूजी’ का व्यक्तित्व बेहद सरल और स्पष्टवादी था। वे बिना किसी दबाव के जनता की समस्याओं को मुखर होकर उठाते थे और समाधान के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहते थे। यही कारण है कि वे आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रहे और उन्हें जमीनी नेता के रूप में पहचान मिली।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने उनके जीवन संघर्षों को याद करते हुए समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि आज के राजनीतिक परिवेश में बेनी प्रसाद वर्मा जैसे नेताओं की सोच और सिद्धांतों की सबसे ज्यादा आवश्यकता है।
उनके केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यकाल को भी विशेष रूप से याद किया गया, जिसमें उन्होंने विकास, सामाजिक न्याय और जनहित के कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि ‘बाबूजी’ ने हमेशा सत्ता को सेवा का माध्यम माना और कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
कार्यक्रमों में उपस्थित नेताओं ने कहा कि बेनी प्रसाद वर्मा का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उनका संघर्ष, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
बेनी प्रसाद वर्मा ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात करने का दिन है। समाजवादी पार्टी ने इस मौके पर उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प


