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Tuesday, March 10, 2026

आइआइटी दिल्ली ने बनाया ‘स्मार्ट’ मच्छर रोधी डिटर्जेंट: डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव में

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डॉ विजय गर्ग
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक अभिनव मच्छर रोधी डिटर्जेंट विकसित किया है। यह ‘स्मार्ट डिटर्जेंट’ कपड़ों की धुलाई के साथ-साथ उन्हें मच्छरों को दूर रखने वाले गुणों से भी युक्त करता है, जो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य विकास और शोध टीम
यह अनुसंधान आईआईटी दिल्ली के वस्त्र एवं फाइबर इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर जावेद नबीबक्शा शेख के नेतृत्व में किया गया है। टीम ने पारंपरिक मच्छर नियंत्रण उत्पादों—जैसे कॉइल, लोशन, स्प्रे—की सीमाओं को देखते हुए एक ऐसा समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जो अधिक सुसंगत और व्यापक सुरक्षा प्रदान करे।
डिटर्जेंट की खासियतें
दो स्वरूपों में उपलब्धता: यह डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड दोनों रूपों में विकसित किया गया है।
धुलाई गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं: यह सामान्य डिटर्जेंट की तरह ही कपड़ों की सफाई और धुलाई के गुणों को बनाए रखता है।
लगातार सुरक्षा: चूंकि कपड़े बार-बार धोए जाते हैं, इसलिए हर धुलाई के बाद मच्छर रोधी गुण पुनः उत्पन्न हो जाते हैं, जिससे इसकी प्रभावशीलता और टिकाऊपन सुनिश्चित होती है।
किफायती समाधान: टीम का उद्देश्य इसे एक किफायती और सुलभ उत्पाद बनाना है, जिसका उपयोग हर घर, विशेषकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोग आसानी से कर सकें।
यह कैसे काम करता है?
कपड़ों को अप्रिय बनाना: डिटर्जेंट के सक्रिय घटक धुलाई प्रक्रिया के दौरान कपड़ों के रेशों (फाइबर) के साथ क्रिया करते हैं और उनसे जुड़ जाते हैं।
मच्छर विकर्षण: ये घटक कपड़ों की सतह को मच्छरों के लिए कम आकर्षक बना देते हैं। प्रोफेसर शेख के अनुसार, सक्रिय घटक मच्छरों के सूंघने और स्वाद लेने वाले सेंसर पर काम करते हैं, जिससे मच्छर कपड़ों पर बैठना (लैंडिंग) पसंद नहीं करते।
काटने से बचाव: चूंकि मच्छर का डंक (प्रोबोसिस) कपड़े के माध्यम से त्वचा तक पहुंच सकता है, इसलिए उन्हें कपड़े पर उतरने से ही रोकना आवश्यक है। यह डिटर्जेंट मच्छरों को दूर रखकर काटने की संभावना को कम करता है।
प्रभावशीलता का परीक्षण
उत्पाद की प्रभावशीलता का परीक्षण एक वाणिज्यिक प्रयोगशाला में “हैंड-इन-केज” विधि का उपयोग करके किया गया है।
इस परीक्षण में, स्वयंसेवकों ने अपने हाथों को डिटर्जेंट से धोए गए कपड़े से ढंककर भूखे मच्छरों से भरे एक बक्से में डाला।
परिणामों से पता चला कि इन कपड़ों पर मच्छरों के बैठने की संख्या में काफी कमी आई, जो इस बात का प्रमाण है कि डिटर्जेंट मच्छरों को दूर रखने में प्रभावी है।
वर्तमान स्थिति और आगे की योजना
शोध टीम ने इस नई तकनीक के लिए पेटेंट आवेदन दाखिल कर दिया है।
यह उत्पाद वर्तमान में तकनीकी हस्तांतरण ( के चरण में है।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो यह मच्छर रोधी डिटर्जेंट अगले कुछ महीनों में बाजार में व्यावसायीकरण के लिए उपलब्ध हो सकता है।
यह अभिनव विकास मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में एक ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है, जो लोगों को उनके रोजमर्रा के कपड़ों के माध्यम से ही एक आसान और प्रभावी सुरक्षा कवच प्रदान करेगा।
सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब

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