– नियमित तैराकी से शरीर मजबूत, दिल स्वस्थ और मानसिक तनाव दूर होता है
तैराकी (स्विमिंग) को दुनिया के सबसे बेहतरीन और सम्पूर्ण व्यायामों में से एक माना जाता है। यह ऐसा व्यायाम है जिसमें शरीर के लगभग सभी अंग एक साथ सक्रिय होते हैं। पानी में किया जाने वाला यह अभ्यास न केवल शरीर को फिट बनाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है। डॉक्टरों और फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति रोज़ाना 30 से 45 मिनट तक तैराकी करता है तो वह कई गंभीर बीमारियों से बच सकता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग जिम और अन्य व्यायाम के लिए समय नहीं निकाल पाते, लेकिन तैराकी एक ऐसा व्यायाम है जो शरीर को बिना ज्यादा थकान के मजबूत और ऊर्जावान बनाता है।
तैराकी करते समय हाथ, पैर, कंधे, पीठ, पेट और कमर सभी मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं। इससे शरीर का संतुलित विकास होता है और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। यही कारण है कि तैराकी को फुल बॉडी वर्कआउट कहा जाता है।
लाभकारी मानी जाती है। यह हृदय की कार्यक्षमता बढ़ाती है और रक्त संचार को बेहतर बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित तैराकी से हृदय रोग का खतरा लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
आज के समय में मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है। तैराकी वजन कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
लगभग 30 मिनट की तैराकी से 300 से 400 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। यही वजह है कि वजन घटाने के लिए डॉक्टर अक्सर तैराकी की सलाह देते हैं।
पानी में सांस को नियंत्रित करना पड़ता है, जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। नियमित तैराकी करने वाले लोगों में सांस संबंधी समस्याएं कम होती हैं और ऑक्सीजन लेने की क्षमता बेहतर होती है।
तैराकी एक लो इम्पैक्ट एक्सरसाइज है, यानी इसमें जोड़ों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। इसलिए जिन लोगों को घुटनों या कमर में दर्द की समस्या होती है, उनके लिए तैराकी बेहद फायदेमंद है।
तैराकी केवल शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग को भी शांत करती है। पानी में रहने से शरीर रिलैक्स होता है और तनाव कम होता है। कई शोधों में यह पाया गया है कि तैराकी डिप्रेशन और चिंता को कम करने में भी मदद करती है।
आज के समय में युवाओं की जीवनशैली काफी बदल चुकी है। मोबाइल, कंप्यूटर और बैठकर काम करने की आदत के कारण शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। इसके कारण मोटापा, थकान और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
ऐसे में तैराकी युवाओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इससे शरीर मजबूत होता है, ऊर्जा बढ़ती है और आत्मविश्वास भी विकसित होता है।
बच्चों के लिए भी है फायदेमंद
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी तैराकी बेहद लाभदायक मानी जाती है। इससे उनकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं, शरीर लचीला बनता है और एकाग्रता बढ़ती है।
कई स्कूलों में अब तैराकी को खेल गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है ताकि बच्चों का संपूर्ण विकास हो सके।
तैराकी करते समय कुछ जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी हैहमेशा प्रशिक्षक या लाइफगार्ड की मौजूदगी में तैराकी करें।स्विमिंग पूल का पानी साफ और सुरक्षित होना चाहिए।
तैराकी से पहले हल्का वार्मअप जरूर करें।
बहुत ज्यादा खाना खाने के तुरंत बाद तैराकी न करें।
यदि कोई बीमारी हो तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही तैराकी करें।
तैराकी केवल एक खेल नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह शरीर को फिट, मन को शांत और जीवन को ऊर्जावान बनाती है। यदि इसे नियमित जीवनशैली का हिस्सा बना लिया जाए तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।
स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है कि हम अपने दैनिक जीवन में तैराकी जैसी गतिविधियों को शामिल करें, क्योंकि फिट शरीर ही सफल और खुशहाल जीवन की पहचान है।
तैराकी : सेहत और फिटनेस का सबसे असरदार व्यायाम


